कन्या आवासीय विद्यालय
चन्द्रगिरि तीर्थक्षेत्र डोंगरगढ़
जिला-राजनांदगाव (छत्तीसगढ़)491445
9009717108, 9179194108
सी.बी.एस.ई.क्रमांक-3330237

समाचार और घटनाक्रम

  • शतरंज खेल में 5 छात्राए पहुंची राज्य स्तर पर
    कु. विदेही, प्रिया, ख़ुशी, महिमा और उपमा जैन ने बढ़ाया प्रतिभास्थली का गौरव।
  • एक और बढता कदम 29 एवं 30 जून को आयोजित ओपन चेस टूनामेंट में छात्राओं ने किया श्रेष्ट प्रदर्शन। कु शिखा पाटनी, अदिति जैन, एवं वीणा पाटनी राज्य स्तर ओपन चेस टूनामेंट में खेलने के लिए चयनित हुई। छात्राओं की इस सफलता की हार्दिक बधाई।
  • योग दिवस के दिन प्रतिभास्थली की छात्राओं ने योग करके सभी के लिए दिया निरोगी काया और पूर्णायु पाने का सन्देश।
  • सफलता का एक ओर चरण
    10वीं बोर्ड परीक्षा का शत-प्रतिशत परिणाम,
    सभी छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण
    देशना जैन- 97%
    प्रज्ञा जैन- 93%
    चैत्या जैन- 91%
  • प्रवेश प्रारंभ
    2019-20
    2 फरवरी 2019 से
    प्रवेश परीक्षा प्रत्येक शनिवार और रविवार
    समय – प्रातः 11 से शाम 5 बजे तक
    कक्षा – 4 से 8 तक
  • आचार्य भगवन द्वारा प्रथम दीक्षित आर्यिका माँ गुरु मति माताजी की भव्य आगवानी 28 फरवरी 2019 को प्रतिभास्थली की छात्राओं ने की।
  • आचार्य भगवन् के अवतरण दिवस शरद पूर्णिमा के अवसर पर छात्राओं ने कई श्रमिकों एवं हथकरघा में सेवारत कार्यकर्ताओं को भोजन कराया, और सभी ने भावना भाई की पूज्य गुरुदेव १०८ श्री विद्यासागर जी महाराज पूर्णायु हों, चिरायु हों, दीर्घायुं हों...
  • 21-22 अक्टूबर को दो दिवसीय खेल दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर डोंगरगढ़ खेल प्रभारी श्रीमान राकेश बघेल जी ने अपने उद्बोधन से सभी छात्राओं को उत्साहित किया।
  • सफलता के बढ़ते चरण
    राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली शतरंज प्रतियोगिता के लिए कु. अदिति जैन का चयन किया गया है। उसकी इस सफलता पर प्रतिभास्थली परिवार गौरवान्वित है।
  • हिंदी ओलिंपियाड में कु. स्तुति जैन कक्षा आठवीं ने पाया भारत में तृतीय स्थान एवं कु. अदिति जैन कक्षा आठवीं नें पाया भारत में तेरहवाँ स्थान।
  • कम्प्यूटर ओलिंपियाड में कक्षा 9वीं की छात्रा कु. आयुषी जैन ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया और द्वितीय स्तर पर पहुंची। अंग्रेजी ओलिंपियाड में कु. अर्चिता जैन, सीपी जैन, आशिका जैन, वंशिका जैन ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया और द्वितीय स्तर पर पहुंची।

दिव्य देशना

ज्ञान के सदृश,
आस्था भी भीती से सो,
कंपती नही।
-आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज